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Friday, 10 January 2014
Thursday, 2 January 2014
मानस से : नवधा भक्ति
चौथि भगति मम गुन गन करइ कपट तजि गान ॥
छठ दम सील बिरति बहु करमा । निरत निरंतर सज्जन धरमा ॥
सातवँ सम मोहि मय जग देखा । मोतें संत अधिक करि लेखा ॥
आठवँ जथालाभ संतोषा । सपनेहुँ नहिं देखइ परदोषा ॥
नवम सरल सब सन छलहीना । मम भरोस हियँ हरष न दीना ॥
नव महुँ एकउ जिन्ह के होई । नारि पुरुष सचराचर कोई ॥
सगुन उपासक परहित निरत नीति दृढ़ नेम ।
Sunday, 17 November 2013
श्रीमद्भागवत महापुराण * : Jai Shree Krishna
( श्रीमद्भागवत महापुराण - १०/३/४ ) - - [ श्री
कृष्ण जन्म ] ( कृपया पूरा पढ़ें ) - -संत पुरुष पहले से ही चाहते थे कि
असुरों की बढ़ोतरी न होनें पाये l अब उनका मन सहसा प्रसन्नता से भर गया l
जिस समय भगवान् के आविर्भाव का अवसर आया , स्वर्ग में देवताओं की
दुन्दुभियाँ अपनें आप बज उठीं l
श्रीमद्भागवत महापुराण *
श्रीमद्भागवत महापुराण *
Thursday, 14 November 2013
बेटा जो बुलाये माँ को आना चाहिए माइया के चरणो में ठिकाना चाहिए
Monday, 11 November 2013
श्रीमद्भागवत गीता - १०/०३/ १-२ ) : Jai Shree Krishna
( श्रीमद्भागवत गीता - १०/०३/ १-२ ) - { कृष्ण
जन्म } - [ कृपया पूरा पढ़ें ] - - श्री शुकदेव जी कहते हैं -->
परीक्षित ! अब समस्त शुभ गुणों से युक्त बहुत सुहावना समय आया l रोहिणी
नक्षत्र था l आकाश के सभी नक्षत्र ,ग्रह और तारे शांत -- सौम्य हो रहे थे l
दिशाएँ स्वच्छ प्रसन्न थीं l निर्मल आकाश में तारे जगमगा रहे थे l पृथ्वी
के बड़े - बड़े नगर , छोटे - छोटे गाँव , अहीरों की बस्तियाँ और हीरे आदि की
खानें मंगलमय हो रही थीं l
.गीता .
.गीता .
Saturday, 2 November 2013
Bhent--माँ के भेंटे
MAA
NE KHEL RACHAYA HAI HUNN MAUJA HI MAUJA... DAR TE APP BULYA HAI HUN
MAUJA HI MAUJA ...ASSAN NE US TOH JO MANGYA HAI OH PAYA HAI HUN MAUJA HI
MAUJA ... 100-100 WARII CHARNA CH MATHHA ASI TEKYA JADO HOGIYA NE DUR
UDASIYAN.. DUNIYA DI SHAAN MAHA RANI DA DIDAR KAR KUSH HUIYAN AKHIAN
PAYSIYN ... CHARNA CH VAGDI GANGA DA AMRIT PAAN KARYA HAI HUN MAUJA HI
MAUJA .. JAI MATA DI
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